कंप्यूटर से परिचय:- computer introductions and genrations and computer History in hindi
दोस्तों आपका एक बार फिर से स्वागत है ,हमारे ब्लॉग ट्रेंडिंग टेक में इस ब्लॉग में आपको टॉप टिप्स मिलती है, जो आपके लिए उपयोगी होती है जिनसे आप अपने छोटे-मोटे कामों को आसानी से कर सकते हैं ,तो दोस्तों मैंने इस ब्लॉग में एक नया करने की कोशिश की है वह यह किया है कि मैं इसके अंदर कंप्यूटर ज्ञान लेबल बनाया जिसके अंदर मैं कंप्यूटर से रिलेटेड सारी पोस्ट डालूंगा | कंप्यूटर के परिचय से लेकर कंप्यूटर के एडवांस तक कि आपको सारी पोस्ट में मिल जाएगी ,जिसमें आपको कंप्यूटर का बेसिक से लेकर आपको एडवांस पोस्ट मिलेगी जिनसे आप बहुत कुछ सीख सकते हैं ,यदि आपको कंप्यूटर नहीं आता है, तो आप बहुत कुछ सीख सकते हैं |
कंप्यूटर
का परिचय
आज किस
पोस्ट में मैं आपको
कंप्यूटर के इतिहास और
उसके परिचय के बारे में
बताऊंगा।
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| introductions of a computer in hindi |
कंप्यूटर
एक परिचय:-
दोस्तों
कंप्यूटर एक मशीन है
जो हर इंसान के
जीवन में लगभग सभी
सेक्टर्स में यूज किया
जा रहा है। वेब
टेक्नोलॉजी, इंटरनेट और मोबाइल फोन
की क्रांति ने ज्ञान के
नए आयाम स्थापित किए
हैं ,और एक नए
विचार प्रक्रिया को जीवन दिया
है। तो हम कैसे
कई कंप्यूटर में हमारे जीवन
को पूरी तरह से
बदलती है, जो काम
पहले बहुत कम समय
में होते थे ,वह
काम में बहुत तेजी
से होने लगे हैं
| यह कंप्यूटर का सबसे बड़ा
फायदा है और इसका
योगदान है हमारी जीवन
में।
पीसी
आने की पर्सनल कंप्यूटर
डिजाइन और प्रकाशन कार्यों
के लिए छात्रों ,इंजीनियर
,और लेखको के द्वारा यूज
किया जाता है। कंप्यूटर
ने सीखने की प्रक्रिया को
भी बहुत आगे बढ़ा
दिया है | पहले विद्यार्थी
जब कक्षा में नहीं होते
हैं तो अपना अध्ययन
नहीं कर पाते थे
, लेकिन अब कंप्यूटर की
मदद से सभी अभ्यार्थी
क्लास से बाहर होते
हुए भी अपना अध्ययन
पूरा कर पाते हैं।
और इंटरनेट के आने से
तो अब जानकारियां बहुत
कम समय में सभी
को मिल जाती है
अब लोग सम इनफार्मेशन
के लिए भी इंटरनेट
यूज करते हैं, और
बैंकिंग, शॉपिंग और कहीं अधिक
कार्य के लिए सभी
कंप्यूटरों का यूज कर
रहे हैं अबे कंप्यूटर
से एक बटन दबाते
ही सभी प्रकार की
जानकारियां मिल जाती है
तो यह कंप्यूटर का
ही बड़ा आविष्कार है
जिसने हमारी कार्यों को आसान किया
है।
कंप्यूटर
की पीढ़ियां एनी जेनरेशंस
हम कंप्यूटर को पांच पीढ़ियो
में विभाजित करते हैं इन
पीढ़ियो को कंप्यूटर के
द्वारा उपयोग में ली जाने
वाली टेक्नोलॉजी के आधार पर
परिभाषित कर सकते हैं
।टाइम के गुजरने के
साथ-साथ नई टेक्नोलॉजी
आई और उसने हमारी
कंप्यूटर में कार्य करने
की दक्षता को पूरी तरह
से बदल कर रख
दिया है:-
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| computer genrations in hindi |
How to apply for jio fiber net,brandband | जिओ फाइबर के लिए कैसे रजिस्ट्रेशन क
प्रथम
पीढ़ी यानी फर्स्ट जनरेशन (1942to1956)
पहले
पीढ़ी के कंप्यूटर में
इलेक्ट्रॉनिक घटक के रुप
में वैक्यूम ट्यूब और डेटा भंडारण
के लिए चुंबकीय ड्रम
का इस्तेमाल किया गया था|
उनका
आकार काफी बड़ा होने
के कारण रखने के
लिए पूरे कमरे की
आवश्यकता होती थी | पहलेजनरेशन के कंप्यूटर बहुत
महंगे थे ,वह अधिक
गर्मी कॉशन करते थे,
जिसकी वजह से उन्हें
ठंडा करना बहुत आसान
नहीं होता था | उनका
भी बहुत कठिन होता
था |इस पीढ़ी के
कंप्यूटरों को ऑपरेट करने
के लिए मशीन भाषा
का इस्तेमाल इसकी प्रोग्रामिंग भाषा
के रूप में किया
गया था | पहली पीढ़ी
के कंप्यूटर में डाटा को
पंच कार्ड और कागज के
द्वारा डाटा दिया जाता
था। जो पहली पीढ़ी
के कंप्यूटर थे वह एक
समय में एक ही
समस्या को हल कर
सकते थे, यह पहली
पीढ़ी के कंप्यूटर की
एक कमी थी।
दूसरी
पीढ़ी (1956
to1965)
अब दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों में
इलेक्ट्रॉनिक घटक के रुप
में ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल किया
गया था। ट्रांजिस्टर कुशल,
तेज और कम बिजली
की खपत और पहली
पीढ़ी के कंप्यूटर की
तुलना में अधिक सस्ते
और विश्वसनीय थे , इन से
अधिक तेज गति से
कार्य किया जा सकता
था। यह कंप्यूटर की
प्रथम पीढ़ी का कंप्यूटर की
तरह ही अधिक गर्मी
का उत्सर्जन करते, तो लेकिन यह
उनसे ज्यादा कार्य करने में कुशल
थे। इस genrations में चुंबकीय
और प्राइमरी मेमोरी और चुंबकीय टेप
एंड चुंबकीय डिस्क सेकेंडरी भंडारण यानी कि स्टोरेज
के रूप में इस्तेमाल
किया गया था। कोबोलऔर Fortran के रूप में
उच्च स्तरीय कंप्यूटर प्रोग्राम भाग सेकंड जनरेशन
में स्टार्ट की गई थी
।
तीसरी
पीढ़ी (1965to
1975)
जो तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर उनमें
ट्रांजिस्टर के स्थान परइंटीग्रेटेड सर्किट यानी कि आई
सी का इस्तेमाल किया
गया था। ऐसी ट्रांजिस्टर
प्रतिरोध और कैपिटल को
मिलाकर बनाई गई एक
ही डिवाइस है जिससे कंप्यूटर
के आकार को और
भी छोटा बनाया जा
सकता था। इस पीढ़ी
के कंप्यूटर द्वारा इनपुट और आउटपुट के
लिए कीबोर्ड और मॉनिटर का
इस्तेमाल किया गया था
| इसमें ऑपरेटिंग सिस्टम की अवधारणा को
भी इसी टाइम पर
पेश किया गया था|
इसमें
time-sharing और मल्टिप्रोसेसिंग की अवधारणा को
भी पेश किया गया
था इसमें कई उच्च स्तरीय
प्रोग्रामिंग भाषाओं की शुरुआत की
गई जैसे फोर्ट्रन ,आईवी,
पास्कल, बेसिक इत्यादि ।
चौथी
पीढ़ी( 1975to1988)
कंप्यूटर
की स्पीड में माइक्रो प्रोसेसर
की शुरुआत हुई जिसमें हजारों
आईसी को मिलाकर एक
सिंगल चिप बनाए गया
जो सिलिकॉन पर बनाई जाती
थी। इस पीढ़ी के
कंप्यूटर में एक बड़े
पैमाने पर वीएलएसआई तकनीक
का इस्तेमाल कर बनाए गए
थे। सन 1971 में इंटेल 4004 जीत
विकसित किया गया था।
इस वीडियो में एक सिंगल
चिप पसारे कंप्यूटर के कंपोनेंट को
फिट किया गया। इस
पीढ़ी में रियल टाइम
प्रोसेसिंग और डिस्ट्रीब्यूटर टो
ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया
गया और उच्च स्तरीय
प्रोग्राम भाषाओं जैसे c, c++,डाटाबेस को भी इस्तेमाल
किया गया था।
पांचवी
पीढ़ी 1998 से अब तक
पांचवी
पीढ़ी के रूप में
एक नई तकनीक से
यू एल एस आई
(अल्ट्रा लार्ज स्केल इंटीग्रेशन) कहा जाता है,
को एक एमसी चिप
में 1000000 इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को शामिल किया
गया ,और एक यू
एलएसआई बनाया गया। स्पीडी में
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अवधारणा वॉइस
रिकॉग्निशन, मोबाइल संचार, सेटेलाइट ,संचार एंड सिग्नल डाटा
प्रोसेसिंग को स्टार्ट किया
गया। उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग
भाषाओं के रूप में
जैसे java,vb and .NET की शुरुआत इस
पीढ़ी में ही हुई
थी । कंप्यूटर मशीनों
के विकास के क्षेत्र में
प्रगति के कारण कंप्यूटर
बहुत ज्यादा व्यापक और उपयोगी हो
गया है | अब हमारे
जीवन के सभी क्षेत्रों
में कंप्यूटर का बहुत तेजी
से इस्तेमाल किया जाता है।
इलेक्ट्रॉनिक
मशीनों का विकास
अबेकस
को 5000 साल पहले विकसित
किया गया था। जिसकी
मदद से कंप्यूटर में
गणना की जा सकती
थी इसके अंदर मोतियों
के ऊपर नीचे करके
गणना की जाती थी
यह उस समय कंप्यूटर
की गणना के अनुसार
सही था।
सन
1642 में ब्लैक पास्कल ने एक संख्यात्मक
की पहला केलकुलेटर का
अविष्कार किया | यह पीतल आयताकार
box8 चल नंबर डायल करके
8 अंकों तक की संख्याओं
को जोड़ने का काम करता
था | उन्होंने मशीन का नाम
कालीन दिया था।
कंप्यूटर
की वास्तविक शुरुआत गणित के प्रोफेसर
चार्ल्स बैबेज के द्वारा की
गई थी उन्होंने इसका
अविष्कार विवेक समीकरणों को हल करने
के लिए किया था
और उसे डिफरेंस इंजन
का नाम दिया गया।
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| analytical engine invented |
चार्ल्स
बैबेज के द्वारा डिजाइन
किया गया एनालिटिकल इंजन
ही पहला कंप्यूटर के
रूप में माना जाता
है और जाना जाता
है।
1924 में
आईबीएम का आविष्कार हुआ
1960 तक डाटा प्रोसेसिंग के
लिए पंच कार्ड का
इस्तेमाल किया जाता था।
दूसरे
विश्व युद्ध के दौरान कोलोसस
द्वारा कोड ब्रेकर विकसित
किया गया यह पहला
इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर था वर्ष 1946 में
प्रथम ऑल परपज इलेक्ट्रॉनिक
डिवाइस कंप्यूटर ई एन आई
सी एस ई (इलेक्ट्रॉनिक
इंटीग्रेटर और केलकुलेटर)
वर्ल्डवाइड वेब 1990 में विकसित किया
गया था| इसके
आने के बाद में
इंटरनेट में क्रांति आ
गई अब जो काम
कंप्यूटर पर कम समय
में और धीमी गति
से होते थे एवं
इंटरनेट के माध्यम से
बहुत तेजी से होने
लगे आजकल ऐसे स्मार्टफोन
की बहुत डिमांड है
जो टचस्क्रीन होते हैं जिनमें
मोबाइल में इंटरनेट कनेक्टिविटी
होती है तो बहुत
सारी एप्लीकेशन को रन करा
सकते हैं और बहुत
से व्यक्ति के साथ संवाद
कर सकते हैं।
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